कोरोना महामारी  के कारण पिछले साल से हाहाकार मचा हुआ है जिसके चलते हैं बहुत से परिवार बिखर गए हैं उनके परिवार के सदस्यों की करोना का इलाज ना मिलने से मौत के कारण बहुत से लोगों की आजीविका का भी कोई साधन नहीं रहा है विद्यार्थी स्कूल जाने में भी असमर्थ हो गए हैं कारोबार को भी बहुत नुकसान का सामना करना पड़ा जिसके चलते देश की आर्थिक व्यवस्था में बहुत परिवर्तन आया है इस सब के परिणाम स्वरूप पूरे देश का एकमात्र विश्वास करोना वैक्सीन ही है कोरोना महामारी का कहर अब तक टला नहीं था कि इस खबर ने देशवासियों को फिर झटका दिया है दुनियाभर में रोज हजारों लोग इस महामारी की चपेट में आ रहे हैं, जबकि बहुत से लोगों की मौत हो रही है।

वैसे कोरोना से जंग में बचाव और सुरक्षा के साथ-साथ वैक्सीन ने काफी अहम भूमिका निभाई है।कोरोना जंग में भारत ने 27 अगस्त को नया इतिहास रचा था देशभर में कोरोना वैक्सीन की 1 करोड़ से ज्यादा डोज लगाई गईं. यह एक दिन में सबसे ज्यादा वैक्सीन लगाने का आंकड़ा था इसी के साथ भारत में 27 अगस्त तक 62 करोड़ से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन का लाभ उठाया!वैक्सीन को अब तक सबसे ज्यादा प्रभावशाली बताया गया हाल ही में दुनिया की इस सबसे खराब है वैक्सीन को लेकर बड़ा झटका लगा है

इस वैक्सीन में 6 महीने बाद बड़ी का कमी सामने आई है शोध के अनुसार पैसे की दोनों खुराक लेने के बाद टीका संक्रमण रोकने से 88 से अधिक प्रभावी था वह 6 महीने में 47 दिन रह गया है कुल मिलाकर किस वैक्सीन का असर 41 वर्ष तक घट गया यस्टरडे लांसेट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुई है जिसके मुताबिक इसका पता लगाया गया दुनिया की सबसे असरदार वैक्सीन का घटता असर देश के लिए चिंता का विषय बन गया है करोना का संकट अभी टला नहीं है यह कहना गलत नहीं होगा