सहारनपुर-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे: अहोई के दिन एक साथ बुझ गए दो घरों के चिराग
गुरुवार को साखन नहर के पास तेज रफ्तार बाइक सड़क के किनारे खड़े डंपर से टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक पर जा रहे 12वी के दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई है। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मौजूदा शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सहारनपुर-मुजफ्फरनगर: स्टेट हाईवे पर गुरुवार को साखन नहर के पास तेज रफ्तार बाइक सड़क के किनारे खड़े डंपर से टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक पर जा रहे 12वी के दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई है। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मौजूदा शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बता दें कि तलहेड़ी बुजुर्ग पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव अंबोली निवासी नितिन (22 वर्ष) पुत्र सतीश व आशीष नौटियाल (20 वर्ष) पुत्र नरेंद्र देवबंद में कोचिंग पढ़ने जा रहे थे। गुरुवार दोपहर करीब 2.30 बजे जब वह सहारनपुर-मुजफ्फरनगर स्टेट हाईवे पर गांव साखन नहर के करीब पहुंचे तो बाइक अनियंत्रित हो सड़क किनारे खड़े डंपर में टकरा गई। दोनों युवकों मैं से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहने हुए थे। जिसके चलते दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही सीओ रजनीश उपाध्याय और कोतवाल योगेश शर्मा घटनास्थल पर पहुंच गए। आनन-फानन में दोनों छात्रों के शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।उधर, दो छात्रों की मौत की जानकारी जब उनके गांव अंबोली पहुंची तो पूरे गांव में मातम सा पसर गया। ग्रामीणों की मौके पर भारी भीड़ जमा होने लगी हादसे के बाद डंपर चालक मौके से तुरंत फरार हो गया।
सीओ रजनीश उपाध्याय ने बताया कि मृतक छात्रों के परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है। हादसा बाइक के अनियंत्रित होने से हुआ है। लापरवाही के चलते बिना हेलमेट के बाइक चला रहे थे। यदि वह हेलमेट पहने होते तो शायद उनकी जान भी बच सकती थी, और यह दुखद हादसा टल जाता।".
अहोई अष्टमी के दिन ही बुझ गए घरों के चिराग
अंबोली निवासी इंटरमीडिएट के छात्र नितिन और आशीष के परिजनों को यह आभास भी नहीं था कि अहोई अष्टमी के पावन पर्व पर उनके घरों के चिराग बुझ जाएंगे। दोनों छात्रों की माताओं ने अपने पुत्रों की लंबी आयु के लिए व्रत रखा था। छात्रों के घरों में उनकी मौत से कोहराम मचा हुआ है।
लापरवाही 1 घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस
स्टेट हाईवे पर गुरुवार को हुए हादसे के दौरान एक युवक गंभीर अवस्था में घटनास्थल पर पड़ा तड़पता रहा हाईवे से गुजर रहे लोगों ने एंबुलेंस को बुलाने के लिए 108 नंबर पर कॉल भी की परंतु करीब एक घंटे तक भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। जिसको लेकर लोगों में काफी रोष दिखा। लोगों का कहना था कि यदि समय पर एंबुलेंस हो जाती तो शायद जान बचाई जा सकती थी।