सहारनपुर: कोरोना संक्रमण द्वारा जान गवाने वाले व्यक्तियों के परिवार सरकार की तरफ से 50 हजार की मदद का आश्वासन दिया गया है बता देगी इसके लिए पीड़ित के परिवार को आवेदन करना होगा जिसके बाद उसके खाते में 50 हजार की सहायता धनराशि भेज दी जाएगी। 

 

विस्तार:

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण द्वारा मरे व्यक्तियों की परिवार के सदस्य व आश्रितों को 50 हजार की अनुग्रह सहायता धनराशि देने का निर्णय लिया है दरअसल इसके लिए मृतक के आश्रितों को एक आवेदन पत्र जमा करना होगा जिसके बाद ही सरकार उन्हें मदद धनराशि मुहैया कराएगी बता देगी कोविड-19 संक्रमण द्वारा सहारनपुर में 420 व्यक्तियों ने अपनी जान गवाई थे जो कि एक बहुत बड़ी संख्या है जिसके चलते बहुत से परिवारों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई जिसके बाद सरकार ने 2.10 करोड़ की सहायता करने का फैसला किया है। 

 

बता दे कि कोविड-19 संक्रमण से मरे व्यक्तियों के आश्रितों को सरकार की ओर से  सहायता राशि दी जाएगी। दरअसल राज्य आपदा मोचक निधि से कोविड से मरे प्रत्येक व्यक्ति के आश्रित को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। सुनने में आया है कि इसके लिए कलक्ट्रेट स्थित दैवी आपदा कार्यालय में आवेदन पत्र जमा कराए जा रहे हैं। जिससे कोई भी मृतक आश्रित इस सहायता राशि  को पाने से रह ना जाए। इसके लिए सभी मृतक आश्रितों को मोबाइल फोन कर सूचना भी दी जा रही है। कोरोना द्वारा मृतक आश्रितों को कोषाकार के ई- कुबेर प्रणाली से आधार लिंक्ड डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। सभी आवेदन पत्रों का निस्तारण 30 दिनों के अंदर करना होगा।

 

आवेदन करने हेतु इन प्रपत्रों की है जरूरत :

गौरतलब है कि कोविड संक्रमण से मरे व्यक्ति के परिजनों को निर्धारित प्रारूप पर आवेदन करना होगा। इसमें मृतक का नाम, पूरा पता, आरटी/ पीसीआर/ एंटीजन/ सीटी स्कैन की तारीख, जिसमें कोविड संक्रमण प्रमाणित हुआ हो। मृत्यु प्रमाणपत्र की छायाप्रति, आधार कार्ड नंबर, मृतक आश्रित का नाम, आश्रित का मृतक से संबंध, आश्रित का बैंक खाता संख्या एवं बैंक शाखा का नाम (बैंक पासबुक की छाया प्रति सहित), आश्रित का मोबाइल नंबर एवं ईमेल आईडी भी लगना अनिवार्य है।

 

कोविड संक्रमण से मरे व्यक्ति के आश्रितों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता राशि दी जानी है। राज्य आपदा मोचक निधि से मिलने वाली यह सहायता राशि जनपद 420 मृतकों के आश्रितों को मिलेगी। इसके लिए अभी तक 25 आवेदन आए।