कानपुर में जल्द ही मेट्रो का शुभारंभ होने जा रहा है यह कार्य हफ्ते में शुरू होने की संभावना है इस बीच डिपो खासकर कार्यशाला में ड्यूटी कर रहे अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा अन्य के प्रवेश और मेट्रो ट्रेन की फोटो खींचने पर रोक लगा दी गई है।  जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से हरी झंडी दिखावा कर शहर वासियों को यह सुविधा मुहैया कराने की योजना है साथ ही साथ सीएम योगी ट्रायल रन को दिखाएंगे हरी झंडी! आपको अवगत करा दें कि कानपुर में मेट्रो डिपो स्थित कार्यशाला में गुरुवार को मेट्रो रेल कोचों से पर्दे हटाए गए साथ ही साथ असेंबलिंग का कार्य भी शुरू कर दिया गया है सुरक्षा के अनुसार कार्यशाला में ही सभी उपकरणों के संचालन की जांच होगी सूत्रों के मुताबिक पता चल रहा है कि कानपुर में चलने वाली मेट्रो अन्य मेट्रो से अलग होंगी इन्हें कई आधुनिक संसाधनों से लैस किया गया हैआधुनिक फायर और क्रैश सेफ़्टी के मानकों पर डिजाइन मेट्रो ट्रेनों की यात्री क्षमता 974 होगी। दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर रखने से संबंधित अन्य सभी सुविधाएं होंगीइन ट्रेनों में री-जेनरेटिव ब्रेकिंग (बिजली के पुन: उत्पादन) का फीचर है, जिसकी मदद से संचालन के दौरान ब्रेक लगने से 45 प्रतिशत तक ऊर्जा को फिर से इस्तेमाल किया जा सकेगा ट्रेनें संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण प्रणाली से चलेंगी। अधिक देर तक दरवाजा खुला रखने के लिए सूचित कर सकेंगे साथ ही साथ सूचना प्रसारित करने के लिए ट्रेन में 36 एलसीडी पैनल भी होंगे!कानपुर में जल्द ही मेट्रो का शुभारंभ होने जा रहा है यह कार्य हफ्ते में शुरू होने की संभावना है इस बीच डिपो खासकर कार्यशाला में ड्यूटी कर रहे अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा अन्य के प्रवेश और मेट्रो ट्रेन की फोटो खींचने पर रोक लगा दी गई है।  जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से हरी झंडी दिखावा कर शहर वासियों को यह सुविधा मुहैया कराने की योजना है साथ ही साथ सीएम योगी ट्रायल रन को दिखाएंगे हरी झंडी! आपको अवगत करा दें कि कानपुर में मेट्रो डिपो स्थित कार्यशाला में गुरुवार को मेट्रो रेल कोचों से पर्दे हटाए गए साथ ही साथ असेंबलिंग का कार्य भी शुरू कर दिया गया है सुरक्षा के अनुसार कार्यशाला में ही सभी उपकरणों के संचालन की जांच होगी सूत्रों के मुताबिक पता चल रहा है कि कानपुर में चलने वाली मेट्रो अन्य मेट्रो से अलग होंगी इन्हें कई आधुनिक संसाधनों से लैस किया गया हैआधुनिक फायर और क्रैश सेफ़्टी के मानकों पर डिजाइन मेट्रो ट्रेनों की यात्री क्षमता 974 होगी। दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर रखने से संबंधित अन्य सभी सुविधाएं होंगीइन ट्रेनों में री-जेनरेटिव ब्रेकिंग (बिजली के पुन: उत्पादन) का फीचर है, जिसकी मदद से संचालन के दौरान ब्रेक लगने से 45 प्रतिशत तक ऊर्जा को फिर से इस्तेमाल किया जा सकेगा ट्रेनें संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण प्रणाली से चलेंगी। अधिक देर तक दरवाजा खुला रखने के लिए सूचित कर सकेंगे साथ ही साथ सूचना प्रसारित करने के लिए ट्रेन में 36 एलसीडी पैनल भी होंगेचलने  के दौरान ऊर्जा बचाने के लिए, ये ट्रेनें कार्बन डाइऑक्साइड सेंसर-आधारित एयर कंडीशनिंग सिस्टम से भी लैस होंगी.