उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (UPTET) 2021 हुआ रद्द जानिए सरकार, विपक्ष और छात्रों की प्रतिक्रिया
शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2021 की परीक्षाएं रद्द हो गई हैं, जिसका कारण परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले सार्वजनिक होना बताया जा रहा है। जानिए सरकार, विपक्ष और छात्रों की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश: शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2021 की परीक्षाएं रद्द हो गई हैं, जिसका कारण परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले सार्वजनिक होना बताया जा रहा है। यह परीक्षा आज प्रातः 10:00 बजे दिन रविवार 28 नवंबर 2021 में होनी तय थी। परंतु परीक्षा में आने वाले प्रश्न परीक्षा से पहले ही व्हाट्सएप चैट में सार्वजनिक हो गए। जिसका पता जैसे ही परीक्षा कराने वाले अधिकारियों को लगा तो उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (यूपीटेट) को निरस्त्र किया। शिक्षक पात्रता परीक्षा के निरस्त होने से लाखों लोग जो परीक्षा की तैयारी कर रहे थे उन पर भारी असर हुआ है।
उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिक्रिया :
लॉ एंड ऑर्डर एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा है कि अभ्यर्थियों को यह परीक्षा दोबारा देने के लिए कोई फीस नहीं चुकानी होगी। इसके चलते यूपी सरकार ने 1 महीने के अंदर शिक्षक पात्रता परीक्षा को दोबारा से आयोजित करने का ऐलान किया है। परीक्षा के पेपर व्हाट्सएप पर लीक होने से प्रदेश में खलबली मच गई है। और अब तक 23 लोगों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि जल्द ही मामले की तह तक पहुंचा जाएगा और सभी तथ्यों से पर्दा उठाया जाएगा साथ ही उन्होंने सार्वजनिक किया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन मेरठ से गोरखपुर वाराणसी से दो कौशांबी से एक और तेहरा लोग प्रयागराज से गिरफ्तार किए गए हैं।
छात्रों की प्रतिक्रिया :
लॉ एंड ऑर्डर एडीजी प्रशांत कुमार के इस बयान पर छात्रों की प्रतिक्रिया है कि जिन छात्रों को दूर से परीक्षा देने आना पड़ा, और केंद्र तक पहुंच कर वापस लौटना पड़ा क्या उन्हें जब दोबारा परीक्षा देने आना होगा तो उनके यातायात का खर्च भी उन्हें लौटाया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह परीक्षा प्रदेश में 2554 केंद्रों पर होनी थी जिसका पहला चरण सुबह 10:00 बजे से 12:30 बीच था प्रथम चरण में लाखों अभ्यार्थी परीक्षा देने वाले थे जो परीक्षा केंद्र तक पहुंच भी गए थे जबकि दूसरी परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच होनी थी इसके लिए भी दूर से आने वाले अभ्यार्थी पहुंच चुके थे जिससे लाखों अभ्यर्थियों को यातायात में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई के लिए सरकार द्वारा अभी तक कोई भी आश्वासन नहीं दिया गया है।
प्रदेश की राजनीती में मुद्दा:
पेपर लीक की खबर से राजनीतिक गलियारे में भी तहलका मच गया है और विपक्षी दल इसमें चुनावी मुद्दे को तलाश रहे हैं उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को नौकरी देने में तो विफल रही है साथ ही वह किसी भी सरकारी परीक्षा का सही से समापन नहीं करा पाती है।