एक हैरतअंगेज घटना में उत्तर प्रदेश की एक महिला ने प्रेग्नेंसी की जटिलताओं के बीच 5 दिनों में चार बच्चों को दुनिया के सामने ला दिया। इनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं।

घटना का विवरण महिला अमीना को गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप और लीवर संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों की टीम ने उनकी लगातार निगरानी की और हर 15-20 दिनों में जांच की जाती रही।

8 मई को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद 9 मई को उन्होंने पहला बच्चा (बेटा) जन्म दिया, जिसका वजन मात्र 710 ग्राम था। चूंकि गर्भावस्था सिर्फ साढ़े छह से सात महीने की थी, इसलिए डॉक्टरों ने बाकी डिलीवरी को रोका। फिर 14 मई को दोबारा दर्द शुरू होने पर बाकी तीन बच्चों (एक बेटा और दो बेटियां) का सफल नॉर्मल डिलीवरी के जरिए जन्म हुआ।

वर्तमान स्थिति फिलहाल मां और चारों नवजात शिशु डॉक्टरों की सख्त निगरानी में हैं। एक बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है, जबकि अन्य तीनों को विशेष देखभाल की जरूरत है।

डॉक्टर्स की टीम इस जटिल प्रसव में डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, डॉ. पूर्ति, डॉ. रोली, डॉ. मोनिका और अन्य मेडिकल स्टाफ ने अहम भूमिका निभाई।

परिवार की प्रतिक्रिया बच्चों के पिता मोहम्मद आलिम ने अस्पताल और डॉक्टरों की पूरी टीम का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें टीएमयू अस्पताल पर पूरा विश्वास था और डॉक्टरों के प्रयासों से यह चमत्कार संभव हो पाया।

यह मामला मेडिकल साइंस की उन्नति और डॉक्टरों की मेहनत का बेहतरीन उदाहरण है, खासकर हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी में।