मणिपुर की युवती की झांसी में संदिग्ध मौत: शव दफनाने पहुंचा प्रेमी, पति ने लगाया हत्या का आरोप, कब्रिस्तान में मचा बवाल
झांसी में एक मसाज पार्लर में काम करने वाली 30 वर्षीय मणिपुर निवासी युवती सिम्मी उर्फ टेरेसा की अचानक मौत के बाद कब्रिस्तान में विवाद खड़ा हो गया। उसके कथित प्रेमी ने शव दफनाने की कोशिश की, लेकिन पति के पहुंचने पर हंगामा शुरू हो गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए अपने कब्जे में ले लिया है।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक स्पा सेंटर में काम करने वाली मणिपुर की रहने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत के बाद शव को दफनाने ले जाने पर कब्रिस्तान में जमकर विवाद हुआ, जिसमें मृतका का पति और कथित प्रेमी आमने-सामने आ गए।
मृतका की पहचान सिम्मी उर्फ टेरेसा (30 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मणिपुर की निवासी थी। करीब 10 साल पहले उसकी शादी जॉन नाम के व्यक्ति से हुई थी और दोनों दिल्ली में रहते थे। नवंबर 2025 में टेरेसा झांसी आ गई और यहां सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के नंदनपुरा इलाके में एक मसाज पार्लर में नौकरी करने लगी।
दोस्ती से लिव-इन रिलेशनशिप तक
पार्लर में काम के दौरान सिम्मी की एक महिला सहकर्मी से अच्छी दोस्ती हो गई और वह उसी के घर रहने लगी। इसी दौरान सहकर्मी के भाई से उसकी नजदीकियां बढ़ गईं और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
परिजनों के अनुसार, सिम्मी पिछले 10 दिनों से बीमार थी और उसका इलाज भी चल रहा था। बुधवार शाम को उसकी अचानक मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही उसके कथित प्रेमी ने शव को लेकर जीवनशाह स्थित कब्रिस्तान पहुंचा, लेकिन बिना किसी पहचान पत्र के शव लाए जाने पर कब्रिस्तान कर्मचारियों ने दफनाने से इनकार कर दिया।
शव को फिर कानपुर चुंगी क्षेत्र के दूसरे कब्रिस्तान ले जाया गया, लेकिन वहां भी अनुमति नहीं मिली। इसी बीच मृतका का पति जॉन अपने कुछ परिचितों के साथ मौके पर पहुंच गया और मौत को लेकर संदेह जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।पति का आरोप
जॉन ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी की हत्या की गई है और बिना किसी उचित प्रक्रिया के शव को जल्दबाजी में दफनाने की कोशिश की जा रही थी। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
जॉन के दोस्त अमन सिंह ने बताया कि उन्हें रास्ते में कई बार फोन करके शव को जल्द दफनाने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि जॉन ईसाई धर्म से हैं, इसलिए अंतिम संस्कार चर्च की परंपरा के अनुसार होना चाहिए था।
कब्रिस्तान समिति के सदस्य मोहम्मद इमरान खान ने कहा कि बिना पहचान पत्र के शव लाए जाने की सूचना मिलने पर उन्होंने दफनाने से मना कर दिया था।
नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण सामने आएगा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि मौत प्राकृतिक थी या इसमें कोई संदिग्ध परिस्थितियां हैं।