खतौली: कांवड़ यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हुई अहम बैठक
आगामी कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से खतौली थाना प्रांगण में पुलिस, प्रशासन और स्थानीय गणमान्य लोगों की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक संपन्न हुई, जिसमें ईओ खतौली और इंस्पेक्टर दिनेश बघेल भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
आगामी कांवड़ यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुगम और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में खतौली थाना प्रांगण में एक विशेष समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता खतौली के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) ललित कुमार मिश्रा और पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) रूपाली राव ने संयुक्त रूप से की।
बैठक में इन प्रमुख अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने लिया हिस्सा
प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के उद्देश्य से बुलाई गई इस बैठक में ईओ खतौली (अधिशासी अधिकारी) और खतौली थाने के इंस्पेक्टर दिनेश बघेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा स्थानीय ग्राम प्रधान, सभासद, होटल और ढाबा संचालक, कांवड़ शिविर लगाने वाले आयोजक तथा डीजे संचालकों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। क्षेत्र के कई अन्य प्रतिष्ठित नागरिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर प्रशासन को सहयोग का आश्वासन दिया।
इन मुख्य बिंदुओं पर हुई चर्चा और जारी हुए निर्देश
अधिकारियों का मुख्य फोकस कांवड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर रहा। बैठक में उपस्थित सभी लोगों को ईओ खतौली और इंस्पेक्टर दिनेश बघेल की मौजूदगी में निम्नलिखित व्यवस्थाओं को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए:
- सुरक्षा व्यवस्था: कांवड़ मार्ग पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने पर जोर दिया गया।
- यातायात प्रबंधन: यात्रा के दौरान जाम की स्थिति से बचने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन और सुचारू यातायात व्यवस्था पर मंथन हुआ।
- साफ-सफाई: कांवड़ मार्गों और शिविरों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए ईओ खतौली को विशेष रूप से निर्देशित किया गया ताकि कांवड़ियों को कोई परेशानी न हो।
- शिविरों की व्यवस्था: शिविर आयोजकों को तय मानकों के अनुरूप ही टेंट लगाने, डीजे की ध्वनि सीमा नियंत्रित रखने और कांवड़ियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखने को कहा गया।
अंत में एसडीएम और सीओ ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मार्ग पर सभी संबंधित विभागों, पुलिस कर्मियों और स्थानीय नागरिकों के बीच आपसी समन्वय बेहद जरूरी है, ताकि यह पवित्र यात्रा बिना किसी विघ्न के सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।