प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कॉल सेंटर संचालन से जुड़े एक बड़े मामले में पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। एजेंसी ने राज्य के प्रमुख शहरों सिलिगुड़ी, हावड़ा और दुर्गापुर सहित कुल 10 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी अभियान चलाया।
यह कार्रवाई मुख्य रूप से धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और साइबर फ्रॉड से संबंधित है, जहां अवैध कॉल सेंटरों के जरिए लोगों को ठगने और अवैध कमाई को सफेद करने का आरोप है। छापों के दौरान जिन व्यक्तियों और परिसरों को निशाना बनाया गया है, उनमें सुराश्री कर, सम्राट घोष, सुभाजीत चक्रवर्ती जैसे कई नाम शामिल हैं।
ED की टीमें इन स्थानों पर दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नकदी और अन्य सबूत जुटाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये कॉल सेंटर विदेशी नंबरों से फर्जी कॉल करके लोगों से ठगी करते थे और कमाई को विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी।
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ समय से अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई तेज हुई है। सिलिगुड़ी जैसे शहरों में IT पार्कों में भी ऐसे संचालन पकड़े गए हैं, जिससे साइबर क्राइम के नेटवर्क का खुलासा हो रहा है।
यह मामला अभी जांच के शुरुआती चरण में है और ED आगे की कार्रवाई के लिए सबूत इकट्ठा कर रही है। अगर आरोप साबित हुए तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
राज्य में साइबर फ्रॉड और अवैध कॉल सेंटरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। आम लोगों को ऐसे कॉल्स से सावधान रहने और शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी जा रही है।