खतौली और आसपास के इलाकों में सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगने की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। जहां केंद्र और राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई पर जोर दे रही हैं, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। राहगीरों को मुंह पर कपड़ा रखकर निकलना पड़ रहा है क्योंकि तेज दुर्गंध सहन करना मुश्किल हो गया है।
नगर पालिका द्वारा कूड़ा इकट्ठा करके सड़क किनारे ही डंप करने की शिकायतें आम हैं। कई जगहों पर न तो चारदीवारी की व्यवस्था है और न ही नियमित तरीके से कूड़े का निस्तारण हो पा रहा है। बुदाना मार्ग, सैनी नगर, रेलवे रोड और श्यामपुरी समेत कई वार्डों में यह समस्या सबसे ज्यादा नजर आ रही है।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि कूड़े के ढेर से मच्छर-मक्खियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। खासकर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे रोजाना इस समस्या का सामना कर रहे हैं। आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग कहते हैं कि कूड़ाघरों को ठीक से बंद नहीं किया जा रहा, जिससे गंदगी चारों तरफ फैल जाती है।
प्रशासन से मांग की जा रही है कि कूड़े को चारदीवारी से सुरक्षित रखा जाए, प्रतिदिन उठाकर निर्धारित स्थान पर ले जाया जाए और निस्तारण की बेहतर व्यवस्था की जाए। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक यह गंभीर मुद्दा अनसुलझा रहेगा और स्वच्छ भारत का सपना कब साकार होगा।
अभी देखना यह है कि नगर पालिका इस समस्या पर कितनी जल्दी ठोस कदम उठाती है। बेहतर सफाई व्यवस्था और जागरूकता से ही शहर को साफ-सुथरा बनाया जा सकता है। स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदत होनी चाहिए।