उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम की मार पड़ रही है। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने प्रदेश के कई जिलों में भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्राकृतिक आपदा को लेकर बुधवार को लखनऊ में उच्चस्तरीय बैठक की और नुकसान की समीक्षा की।
पिछले सात दिनों में इस मौसम की मार से उत्तर प्रदेश में 20 लोगों की जान चली गई है, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 33 पशुओं की भी मौत हो गई। खेतों में खड़ी फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व, कृषि और राहत विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित किसानों, बटाईदारों और पीड़ित परिवारों का नुकसान तुरंत आकलन किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर प्रभावित व्यक्ति को समय पर सहायता पहुंचाई जाए और किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम योगी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहानि, पशु हानि और घायलों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा राशि वितरित कर दी जाए। उन्होंने चेतावनी भी दी कि राहत कार्यों में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनकी जवाबदेही तय होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टेट डिजास्टर रिलीफ फंड से सभी प्रभावित जिलों को पर्याप्त धनराशि तुरंत उपलब्ध कराई जाए, ताकि राहत कार्य सुचारू रूप से चल सकें। राहत आयुक्त कार्यालय को सभी जिलों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का साफ संदेश है कि इस मुश्किल घड़ी में किसान और प्रभावित परिवार अकेले नहीं हैं। प्रदेश सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी।
अधिकारियों को फसलों के नुकसान का सही-सही सर्वे कर रिपोर्ट जल्द भेजने को भी कहा गया है, ताकि मुआवजे की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।