उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट इलाके में साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग महिला को अपना शिकार बनाया है। 61 वर्षीय महिला, जो एक सोसायटी में रहती हैं, को हाल ही में फोन आया जिसमें कॉलर ने खुद को इंड्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) का अधिकारी बताया।
उसने कहा कि महिला का गैस बिल बकाया है और अगर तुरंत पेमेंट नहीं किया तो उनका PNG या गैस कनेक्शन तुरंत डिस्कनेक्ट कर दिया जाएगा। देश में गैस आपूर्ति को लेकर चल रही अफवाहों और संकट के कारण महिला घबरा गईं और कॉल पर यकीन कर बैठीं।
ठग ने उन्हें एक लिंक भेजा और कहा कि इसी के जरिए बिल का भुगतान कर दें, ताकि कनेक्शन सुरक्षित रहे। महिला ने लिंक पर क्लिक किया और वहां मांगी गई बैंक संबंधित जानकारी जैसे कार्ड डिटेल्स, OTP आदि भर दी। इस तरह ठगों को उनके खाते की पूरी एक्सेस मिल गई।
कुछ ही देर में ठगों ने 11 अलग-अलग ट्रांजेक्शन करके महिला के बैंक अकाउंट से कुल 21 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब महिला के फोन पर बैंक से लगातार डेबिट के मैसेज आने लगे, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
घटना के तुरंत बाद महिला ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन और स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। साइबर सेल के थाना प्रभारी ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पैसे की ट्रेसिंग और ठगों को पकड़ने की कोशिश में जुटी है।
यह मामला फिशिंग अटैक का क्लासिक उदाहरण है, जहां ठग सरकारी या कंपनी अधिकारी बनकर डर पैदा करते हैं और फर्जी लिंक से संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं। खासकर बुजुर्ग लोग ऐसे फ्रॉड के शिकार ज्यादा होते हैं।
सुरक्षा के लिए सलाह:
अनजान नंबर से आए लिंक कभी न खोलें।
असली कंपनी बिल पेमेंट के लिए ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट इस्तेमाल करने को कहती है, फोन पर लिंक नहीं भेजती।
OTP, कार्ड नंबर या पासवर्ड कभी शेयर न करें।
संदेह हो तो 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
परिवार के बुजुर्गों को ऐसे कॉल्स के बारे में जागरूक रखें।
ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, क्योंकि शुरुआती घंटों में पैसे वापस मिलने की संभावना ज्यादा रहती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!