मध्य प्रदेश के धार जिले में एक बार फिर प्रेम और साजिश की ऐसी घटना सामने आई है जो किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देगी। सरदारपुर तहसील के गोंदीखेड़ा चारण गांव में 7 अप्रैल की रात को हुई घटना शुरुआत में लूटपाट की लग रही थी, लेकिन पुलिस की जांच ने इसका चेहरा पूरी तरह बदल दिया।
मसाला और मिर्ची का कारोबार करने वाले देवकृष्ण पुरोहित (उम्र लगभग 29 वर्ष) की अपने ही घर में सोते वक्त निर्मम हत्या कर दी गई। उनकी पत्नी प्रियंका पुरोहित (27 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर उन्हें बंधक बनाया, मारपीट की और कुछ जेवर व नकदी लेकर भाग गए। लेकिन पुलिस को इस कहानी पर शक हुआ और कुछ ही घंटों में सच्चाई सामने आ गई।
जांच में पता चला कि प्रियंका का लंबे समय से राजगढ़ निवासी कमलेश पुरोहित (35 वर्ष) से अवैध संबंध चल रहा था। दोनों प्रेमी के साथ खुशहाल जीवन बिताने की चाह में देवकृष्ण को रास्ते से हटाने की ठान चुके थे। कमलेश ने अपने एक साथी सुरेंद्र भाटी (छंडावद निवासी) को करीब एक लाख रुपये देकर हत्या का काम सौंपा।
रात के अंधेरे में हत्यारा घर में घुसा और सोए हुए देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। घटना के बाद प्रियंका ने लूट का नाटक रचा ताकि पुलिस गुमराह हो जाए। लेकिन पूछताछ में उसके बयान में कई विरोधाभास सामने आए। आखिरकार प्रियंका ने साजिश कबूल ली। पुलिस ने प्रियंका और कमलेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सुरेंद्र भाटी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार प्रियंका की शादी देवकृष्ण से कम उम्र में हुई थी और शादी को करीब 4-5 साल ही हुए थे। पुलिस के मुताबिक प्रियंका अक्सर घर से बाहर रहती थी और रिश्ते में खटास बढ़ती जा रही थी।
यह पूरा मामला इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की याद दिलाता है, जहां पत्नी सोनम ने भी प्रेमी के लिए पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। दोनों घटनाओं में पत्नी द्वारा प्रेमी के खातिर पति की हत्या करवाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश देखने को मिली।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान से देखा जा रहा है। कोर्ट में सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
ऐसी घटनाएं रिश्तों में विश्वास, प्रेम और परिवार की कीमत को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। कानून अपना काम करेगा, लेकिन पीड़ित परिवार पर इसका गहरा असर पड़ेगा।