वाराणसी में पुलिस ने चोरी के एक अनोखे और चालाक तरीके वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गैंग लोगों को गंदा करने के लिए खाने की चीजें या गंदा पानी फेंकता था और फिर मदद का बहाना बनाकर उनका सामान चुरा ले जाता था।
कैंट थाना पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस अंतरराज्यीय गैंग के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से XUV700 गाड़ी और लगभग 1.70 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है।
गैंग का तरीका काफी चालाक था — भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूमते हुए वे टारगेट व्यक्ति पर छोला (चना) या गंदा पानी फेंक देते थे। जब पीड़ित गंदे होने पर परेशान होता, तो गैंग के सदस्य मदद करने का बहाना बनाकर उसके पास आ जाते और झोला या बैग लेकर फरार हो जाते थे। इस विधि से उन्होंने कई लोगों को निशाना बनाया था।
पुलिस के अनुसार, गैंग XUV700 जैसी लग्जरी गाड़ी में अलग-अलग शहरों में रेकी करता था और फिर सावधानी से वारदात को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्यों ने कई राज्यों में ऐसी घटनाएं की थीं।
वाराणसी पुलिस ने इस गैंग के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए हैं और पूछताछ जारी है। जांच में पता चला है कि ये शातिर अपराधी पहले भी छोटी-मोटी चोरियों में शामिल रहे हैं।
यह कार्रवाई वाराणसी में बढ़ रही छोटी चोरियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहें और किसी अजनबी की अचानक मदद स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें।
पुलिस की इस सफलता से स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में राहत की लहर है। जांच अभी जारी है और अगर गैंग के और सदस्यों के बारे में जानकारी मिली तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी।