जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि बने देश के नए CDS, इन प्रमुख चुनौतियों से पाना होगा पार
जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद संभाल लिया है। पाकिस्तान और चीन के रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ नए CDS के सामने थिएटर कमांड लागू करने और सेनाओं में बेहतर समन्वय की बड़ी जिम्मेदारी है।
नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र बलों के शीर्ष पद पर बदलाव हुआ है। जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने रविवार को देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का पदभार ग्रहण कर लिया है। वे भारत के तीसरे CDS हैं और ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं जब सेनाओं में बड़े सुधार चल रहे हैं।
सुब्रमणि को पाकिस्तान और चीन संबंधी रणनीतिक मुद्दों का विशेषज्ञ माना जाता है। उन्होंने नॉर्दन कमांड और सेंट्रल कमांड के साथ महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सैन्य सलाहकार के रूप में भी काम किया है।
नए CDS के सामने प्रमुख चुनौतियां
1. इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड को लागू करना सबसे बड़ी चुनौती लंबे समय से लंबित इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड (ITC) को जमीन पर उतारने की है। इसका ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है, लेकिन कमांड स्ट्रक्चर, संरचना और क्रियान्वयन अभी भी जटिल मुद्दे हैं। पूर्व CDS ने भी कहा था कि ढांचागत बदलाव के साथ-साथ मानसिकता बदलना सबसे कठिन काम है।
2. तीनों सेनाओं में वास्तविक समन्वय भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर जोड़ने (Jointness) को मजबूत करना होगा। अभी 17 अलग-अलग सिंगल सर्विस कमांड हैं। थिएटर कमांड बनने के बाद भी प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स, खरीद और कार्यप्रणाली में तालमेल बैठाना एक बड़ी चुनौती रहेगा।
3. आत्मनिर्भरता के साथ आधुनिकीकरण आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी हथियारों को बढ़ावा देना है, लेकिन साथ ही सेनाओं की आधुनिकीकरण प्रक्रिया भी तेज रखनी होगी। कई महत्वपूर्ण उपकरणों जैसे तेजस मार्क-1A की डिलीवरी में देरी हो रही है। नए CDS को दोनों पहलुओं में संतुलन बनाना होगा ताकि सुरक्षा तैयारियां प्रभावित न हों।
जनरल राजा सुब्रमणि की नियुक्ति को रक्षा क्षेत्र में मजबूत नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है। उम्मीद है कि वे अधूरे कार्यों को पूरा करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों को और अधिक एकीकृत और शक्तिशाली बनाएंगे।