केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार अपने बेटे पर लगे POCSO मामले को लेकर कोर्ट पहुंचे हैं। उन्होंने सिटी सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर कर अपने बेटे के खिलाफ फैली नकारात्मक खबरों और कंटेंट को हटाने की मांग की है।

मामले की डिटेल मंत्री के वकील करुणासागर ने कोर्ट से अपील की कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, यूट्यूब, फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और सैटेलाइट चैनलों को निर्देश दिए जाएं कि वे बंदी भगीरथ से संबंधित किसी भी प्रकार के मानहानिकारक कंटेंट का प्रसारण या प्रकाशन न करें।

कोर्ट ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित व्यक्तियों या प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ अदालत की अवमानना का केस चलाया जाएगा।

दूसरी अपील मंत्री की याचिका में पिछले एक सप्ताह में वायरल हुए सभी कंटेंट को तुरंत हटाने की भी मांग की गई है। यह याचिका मानहानि मुकदमे का हिस्सा है।

बेटे पर क्या आरोप? बंदी भगीरथ पर एक 17 वर्षीय लड़की के यौन उत्पीड़न का आरोप है। लड़की की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर POCSO एक्ट की धारा 11 और 12 के साथ BNS की धारा 74 और 75 के तहत केस दर्ज किया गया।

भगीरथ ने तेलंगाना हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। जस्टिस टी माधवी देवी ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

मंत्री का पक्ष है कि उनके बेटे के खिलाफ सोशल मीडिया पर बिना आधार के अफवाहें और मानहानिकारक सामग्री फैलाई जा रही है, जिसे रोकने के लिए उन्होंने कानूनी कदम उठाया है।

कोर्ट अब इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा।