मुजफ्फरनगर के सिसौली में भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 15वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में भाकियू कार्यकर्ताओं ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संकल्प लिया।

राकेश टिकैत का संबोधन भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि पानी की बर्बादी बंद करनी चाहिए, वरना अगले जन्म में बुंदेलखंड में जन्म लेना पड़ेगा। उन्होंने खेतों में मेड़ तोड़ने और गांव में अनधिकृत कब्जे पर भी रोक लगाने की अपील की।

राकेश टिकैत ने चेतावनी देते हुए कहा कि 2027 से पहले किसानों को एक बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की फसलों को उचित मूल्य नहीं दे रही है। सेब के आयात खोलने से हिमाचल और उत्तराखंड के सेब किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गए हैं।

सरकार पर तीखे आरोप टिकैत ने कहा कि सरकार एक तरफ मुसलमानों से नफरत फैलाती है, दूसरी तरफ तेल और नमक मुस्लिम देशों से आयात कर रही है। यदि इतनी नफरत है तो उन देशों से आयात भी बंद कर देना चाहिए।

उन्होंने वाघा बार्डर के रास्ते कृषि उत्पादों के निर्यात की मांग की और आरोप लगाया कि सरकार केवल गुजरात का रास्ता खोलकर किसानों का नुकसान कर रही है।

अन्य मुद्दे राकेश टिकैत ने जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की वकालत की और कहा कि 10-10 बच्चे पैदा करना गलत है। उन्होंने नशाखोरी से दूर रहने और जन्मदिन न मनाने की अपील की। साथ ही मुजफ्फरनगर में होटल बंद करवाने वाली हिंदू संगठनों पर भी निशाना साधा।

कार्यक्रम में बताया गया कि भाकियू के 40 वर्ष पूरे होने पर नवंबर में सिसौली में दो दिवसीय बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।