मुजफ्फरनगर जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बैंक अधिकारियों के साथ कड़ी समीक्षा की। उन्होंने लोन आवेदनों को अस्वीकार करने, समय पर राशि न जारी करने और वेंडर्स को पूरी धनराशि एक बार में न देने पर गहरी नाराजगी जाहिर की।
बृहस्पतिवार को विकास भवन के सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। डीएम ने स्पष्ट कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटाना और सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देना है। इसलिए बैंकों को निर्देश दिया गया कि लोन आवेदन आने के मात्र सात दिनों के अंदर संबंधित वेंडर के खाते में पूरी राशि हस्तांतरित कर दी जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोन स्वीकृति के लिए सिर्फ बिजली बिल, आधार कार्ड और बैंक पासबुक को ही आधार बनाया जाए। यदि दस्तावेजों में कोई कमी हो तो बैंक प्रबंधक खुद लाभार्थियों से संपर्क कर उन्हें पूरा करवाएं। किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने या आनाकानी करने वाले बैंक अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने भी सभी बैंक प्रतिनिधियों से योजना के तहत लोन जल्द से जल्द मंजूर करने का आग्रह किया। नेडा के परियोजना प्रभारी भजन सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इस योजना से घरेलू उपभोक्ताओं को छत पर सोलर पैनल लगवाकर मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा, जिससे बिजली बिल में भारी बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। जिले में योजना की रफ्तार बढ़ाने के लिए अधिकारियों की यह सख्ती अहम कदम मानी जा रही है।